सच बोलो यार

Monday, April 26, 2010

अपनी तो हर आह एक तूफ़ान है.

यह अपना शब्द जो है उसके समान शक्तिवाला शब्द और कोई है क्या ?

यह अपना गाव है. यह अपना शहर है. यह अपना देश है.  इस तरह हर किसी वस्तु को देख कर हमेशा
यह अपना अपना कहने की भावना मन में रहती है ज़रूर .

आज हम अपना, अपनी, अपने शब्द से शुरू होनेवाले कुछ  गीतों को सुनेंगे. 


apni to har aah ek toofan hai dev anand waheetha rahman kala bazaar
अपनी तो हर आह एक तूफ़ान है...  देव आनंद और वहीथा रहमान को देखिये ....काला बाज़ार में






अपने प्यार के सपने
apne pyaar ke sapne





मंजिलें अपनी जगा हैं.   अमिताब को देखिये  शराब फिल्म में.

manzilein apni jaga hain...  amithabh  sharab


apni ankhon ki samundhar mein uthar jane de

अपनी आँखों की समुन्दर में उतर जाने दो.




तलत मुहमद और लता जी  १९५२ में पर्छारियां
talat mohd and lata 1952 parchayiyan


No comments: